अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बीटेक कम्यूटर एवं इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग के 5 छात्रों को सेमसंग आरएण्डडी इंस्टीटयूट इंडिया लिमिटेड, नोएडा द्वारा आनलाइन कैम्पस चयन प्रक्रिया के उपरान्त विभिन्न पदों के लिये चयनित किया गया है। जेडएचसीईटी के टीपीओ श्री एम फरहान सईद ने बताया कि चयनित छात्रों में 2021 बैच केContinue Reading

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कालिज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी के मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग की सोसाइटी आफ आटोमोटिव इंजीनियर्स (एसएई) के छात्रों की टीम ग्रीन वारियर्स ने एक तिपहिया हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन ‘जैकडा’ तैयार किया है जो प्रदूषण की दर को कम करके वायु की गुणवत्ता को बढ़ाने मेंContinue Reading

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के फैकल्टी आफ मेडीसिन के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव को वरिष्ठता के आधार पर विश्वविद्यालय की एक्जीक्यूटिव कौन्सिल का सदस्य नियुक्त किया गया है। उनकी एक्जीक्यूटिव कौन्सिल की सदस्यता 23 दिसम्बर से डीन के पद पर बने रहने तक होगी।Continue Reading

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की प्रोफेसर सलमा अहमद को फैकल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एण्ड रिसर्च का डीन नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिये होगा। प्रोफेसर सलमा अहमद ने आज प्रोफेसर जमाल अहमद फारूकी से डीन पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रोफेसरContinue Reading

भौतिकी विभाग द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन 27 दिसंबर को अलीगढ़, 24 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भौतिकी विज्ञानं विभाग द्वारा सोमवार, 27 दिसंबर, 2021 को ‘स्वतंत्रता संग्राम में वैज्ञानिकों का योगदान’ विषय पर एक आनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें प्रोफेसर अजीत के सिन्हा (पूर्व निदेशक, इंटर यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम फार डीएई फैसिलिटीज, इंदौर) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे जबकि प्रोफेसर बीआर बेहरा, (भौतिकी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) अतिथि वक्ता होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के अंतर्गत किया जा रहा है जिसमें प्रोफेसर बीपी सिंह, अध्यक्ष, भौतिकी विभाग और प्रोफेसर सज्जाद अतहर भी शामिल होंगे। प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ (डीन, मेडिसिन फैकल्टी, एएमयू) समारोह की अध्यक्षता करेंगे। संयोजक डा. जय प्रकाश के अनुसार कार्यक्रम में प्रातः 11 बजे गूगल मीट लिंकः https://meet.google.com/tms-qmux-xbi?hs=224 के माध्यम से भाग लिया जा सकता है।Continue Reading

ऊर्जा संरक्षण में यूपी में एएमयू दूसरे नंबर पर अलीगढ़ 24 दिसंबरः हरित विश्वविद्यालय बनने के इसके प्रयासों की मान्यता के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को ऊर्जा संरक्षण में योगदान के लिए यूपी के उच्च शिक्षा संस्थानों में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 के तहत राज्य द्वारा नामित एजेंसी उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूपीएनईडीए) द्वारा प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा का संरक्षण और हरित ऊर्जा स्रोतों को अपनाना एक महत्वपूर्ण उपाय है। एएमयू देश के उन अग्रणी संस्थानों में से एक है जिन्होंने हरित ऊर्जा समाधानों को अपनाया है। विश्वविद्यालय की ओर से पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद रिहान (सदस्य प्रभारी, बिजली विभाग और संयोजक, हरित विश्वविद्यालय परियोजना समिति, एएमयू), ने कहा कि एएमयू ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के लिए बढ़ चढ़ कर प्रयास कर रहा है और यह पुरस्कार ऊर्जा की आवश्यकता में कमी, ऊर्जा दक्षता और संरक्षण पर नीतिगत निर्णयों को लागू करने जैसे उपायों के मूल्यांकन के आधार पर दिया गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया में कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और समाज के लिए ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियानों को भी दृष्टिगत रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, 2021 के उपलक्ष में किया गया था।Continue Reading

आईटी उद्योग में कैरियर पर वेब वार्ता अलीगढ़ 24 दिसंबरः महामारी समय में भी अवसर उपलब्ध होते हैं, और बेहतर कैरियर संभावनाओं के लिए उन अवसरों के सर्वाेत्तम उपयोग के लिए तैयार रहना चाहिए। इस बिंदु पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग की कंप्यूटर साइंस सोसाइटी द्वारा आयोजित ‘आईटी उद्योग में कैरियर पाथः वर्तमान और भविष्य’ विषय पर आयोजित वेब टाक में विचार विमर्श किया गया। आईटी उद्योग में आकर्षक नौकरी पाने के लिए छात्रों से खुद को बेहतर तरीके से तैयार करने का आग्रह करते हुए श्री अभिषेक तलवार (सीईओ एवं सह-संस्थापक, हेक्साव्यू टेक्नोलाजीज, नोएडा) ने आईटी उद्योग में उपलब्ध विभिन्न भूमिकाओं के बारे में बताया और हेक्साव्यू टेक्नोलाजीज में उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। श्री अंकित अग्रवाल (सह-संस्थापक, हेक्साव्यू टेक्नोलाजीज) ने आईटी उद्योग के महत्व पर जोर देतेContinue Reading

राष्ट्रीय गणित दिवस पर अमुवि के गणित विभाग में कार्यक्रमों का आयोजन अलीगढ़, 24 दिसंबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गणित विभाग के तत्वाधान में श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की जयंती और राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गए जिनमें गणित प्रश्नोत्तरी में शाहबाज अली (बीएससी) और एजाज नजीर (एमएससी) ने स्नातक और स्नातकोत्तर श्रेणियों में पुरस्कार जीता जबकि इंजिला मुनीर (एमएससी) को निबंध लेखन प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया। अंडरग्रेजुएट क्विज में शाहिद उल इस्लाम (बीएससी) ने दूसरा और उज्मा महमूद (बीएससी) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी में एमएससी के छात्र रेहान रजा और एस के मोहम्मद सलाउद्दीन ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया जबकि निबंध प्रतियोगिता में पीएचडी छात्र मनोज कुमार ने द्वितीय तथा प्रशांत शर्मा (बीएससी) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्रीनिवास रामानुजन के जीवन पर एक व्याख्यान देते हुए प्रोफेसर दिनेश सिंह (पूर्व कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने विश्व विख्यात गणितज्ञ के जीवन और उनके गणितीय सिद्धांतों को स्थापित करने की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने श्रीनिवास रामानुजन को नियमित पीएचडी डिग्री प्रदान की हालांकि रामानुजन के पास कोई अन्य डिग्री नहीं थी। वह एक स्व-शिक्षित गणितज्ञ थे। यह आश्चर्यजनक है कि ऐसे व्यक्ति ने कैसी उपलब्धियां हासिल कीं कि उसने इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों में अपनी जगह बनाई। प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ (डीन, विज्ञान संकाय और अध्यक्ष, गणित विभाग) ने पहले सत्र की अध्यक्षता की। दूसरे सत्र में, प्रोफेसर सी एस ललिता (पूर्व डीन, गणितीय विज्ञान संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने ‘श्रीनिवास रामानुजन – भारतीय गणित का गौरव’ विषय पर बात की। उन्होंने विभाजन क्रिया के गुणों की अग्रणी खोजों सहित संख्याओं के सिद्धांत में रामानुजन के योगदान पर चर्चा की। प्रोफेसर ललिता ने रामानुजन को दिए गए विभिन्न पुरस्कारों पर भी बात की और उन्हें सम्मानित करने के लिए सरकार द्वारा जारी डाक टिकटों को दिखाया। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर शाहिद अली ने की। ‘श्रीनिवास रामानुजन – बीसवीं शताब्दी के महान भारतीय गणितज्ञ’ विषय पर व्याख्यान में डा. ए के अग्रवाल (प्रोफेसर एमेरिटस, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) ने रामानुजन द्वारा विकसित संख्या सिद्धांत के अनुप्रयोगों और इसे कैसे प्राप्त किया गया था, को चित्रित किया। उन्होंने कहा कि रामानुजन अनंत से अधिक जानते थे, उन्होंने थ्योरमस का योगदान दिया और 3900 परिणाम संकलित किए। लोग उन्हें हार्डी-रामानुजन नंबर के लिए भी जानते हैं। ब्रिटिश गणितज्ञ, जीएच हार्डी, जो एक अस्पताल में रामानुजन से मिलने गए थे, ने यूँही कहा कि वह ‘1729’ नंबर वाली एक टैक्सी में आए थे, जो काफी सामान्य संख्या थी।  इस पर रामानुजन ने उत्तर दिया कि यह संख्या सबसे छोटी संख्या है जिसे दो अलग-अलग घनों के योग के रूप में दो अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है। हालांकि यह संख्या रामानुजन का सबसे बड़ा संयोजन नहीं है, यह निश्चित रूप से एक आकर्षक खोज है जिसे उनकी सभी खोजों में याद रखना आसान है। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर विकार आजम खान ने की। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ ने संख्याओं के साथ रामानुजन के आकर्षण और संख्याओं के विभाजन के अध्ययन ‘पार्टिटियो न्यूमेरोरम’ में उल्लेखनीय योगदान के बारे में बताया। दैनिक जीवन में गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डा. मुसव्विर अली ने कहा कि हमने युवा पीढ़ी को गणित पढ़ने और सीखने के लिए प्रेरित करने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने रामानुजन की संख्याओं के विश्लेषणात्मक सिद्धांत की व्याख्या और अण्डाकार कार्यों, निरंतर अंशों और अनंत श्रृंखला पर काम करने पर भी बात की। प्रोफेसर कमरुल हसन अंसारी ने बताया कि कैसे रामानुजन के गणित के प्रति रुझान को पहचाना गया और उनके कार्यों को दस्तावेज़ी रूप दिया गया। सप्ताह भर चलने वाले समारोह का आयोजन प्रोफेसर शाहिद अली, डा. मुसव्विर अली और डा. अखलद इकबाल की सह-संयोजकता के तहत किया गया था, जबकि प्रोफेसर कमरुल हसन अंसारी मुख्य राष्ट्रीय गणित दिवस कार्यक्रम के संयोजक थे। प्रोफेसर नदीम उर रहमान (सह-संयोजक, राष्ट्रीय गणित दिवस) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।Continue Reading

प्रो. सलीम सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष नियुक्त अलीगढ़ 24 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद सलीम को 25 दिसंबर, 2021 से 3 सितंबर, 2022 तक की अवधि के लिए विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति प्रोफेसर मुफ्ती जाहिद अली खान का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त की गयी है।Continue Reading

झारखंड की विधानसभा ने ‘मॉब हिंसा एवं मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक, 2021’ पारित किया, जिसमें हर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों की और भीड़ से हिंसा की सुरक्षा कहा गया है। झारखंड पश्चिम बंगाल, मणिपुर और राजस्थान के बाद ऐसा कानून पारित करने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। इंडियास्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल मॉब लिंचिंग के मामले बढ़ रहे हैं। न्याय प्रणालीContinue Reading